डीपफेक का बढ़ता ख़तरा: AI-जनरेटेड धोखाधड़ी से अपनी पहचान और पैसा कैसे बचाएं
डीपफेक (Deepfake) एक ऐसी उन्नत टेक्नोलॉजी है जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डीप लर्निंग का उपयोग करके किसी व्यक्ति के
सूचना प्रौद्योगिकी
डीपफेक (Deepfake) एक ऐसी उन्नत टेक्नोलॉजी है जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डीप लर्निंग का उपयोग करके किसी व्यक्ति के
आज के तकनीकी युग में, हमारे गैजेट्स—स्मार्टफोन, लैपटॉप, ईयरबड्स और स्मार्टवॉच—हमारी ज़िंदगी का अहम हिस्सा हैं। इन सभी उपकरणों को
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग (ML) अब हमारे काम करने के तरीके को पूरी तरह बदल रहे हैं। AI
CMS (Content Management System), जैसे WordPress, वेबसाइट बनाना अविश्वसनीय रूप से आसान बनाते हैं। हालाँकि, यह सुविधा एक सुरक्षा चुनौती
बैकलिंक्स (Backlinks), जिन्हें इनकमिंग लिंक्स (Incoming Links) या वन-वे लिंक्स भी कहा जाता है, तब बनते हैं जब एक वेबसाइट
कीवर्ड रिसर्च (Keyword Research) वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा आप उन शब्दों और वाक्यांशों की पहचान करते हैं जिन्हें आपके
कोर वेब वाइटल्स (Core Web Vitals – CWV) Google द्वारा निर्धारित मैट्रिक्स का एक सेट है जो वास्तविक दुनिया में
डिजिटल युग में, एक वेबसाइट बनाना पहले से कहीं ज्यादा आसान हो गया है। विभिन्न प्रकार के उपकरण (Tools) और
वेबसाइटों को उनकी कार्यप्रणाली के आधार पर मुख्य रूप से दो श्रेणियों में विभाजित किया जाता है: स्टैटिक (Static) और
SEO (Search Engine Optimization) का अर्थ है सर्च इंजन ऑप्टिमाइज़ेशन। यह वह प्रक्रिया है जिसके द्वारा आपकी वेबसाइट को Google,