भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्यु्युफैक्चरिंग बूम: PLI स्कीम ने कैसे बनाया ‘मेड-इन-इंडिया iPhone’ को दुनिया की नई सप्लाई चेन की धुरी?
पिछले कुछ वर्षों में, भारत की अर्थव्यवस्था में एक बड़ा संरचनात्मक बदलाव देखने को मिला है। जो देश एक समय
सामान्य ज्ञान
पिछले कुछ वर्षों में, भारत की अर्थव्यवस्था में एक बड़ा संरचनात्मक बदलाव देखने को मिला है। जो देश एक समय
डिजिटल मार्केटिंग का क्षेत्र हमेशा नवाचार (Innovation) की अग्रिम पंक्ति पर रहा है। 2024-2025 में, जेनरेटिव AI (Generative AI) टूल्स,
हम एक ऐसे युग में जी रहे हैं जहाँ टेक्नोलॉजी हर पल बदल रही है। कुछ साल पहले, फ्लॉपी डिस्क
आज के आधुनिक दौर में, वियरेबल टेक्नोलॉजी (Wearable Technology) — जैसे स्मार्टवॉच, फिटनेस बैंड और ईयरबड्स — हमारी जीवनशैली का
क्वांटम कंप्यूटिंग एक अभूतपूर्व टेक्नोलॉजी है जो सूचना को परमाणु और उप-परमाणु स्तर के सिद्धांतों का उपयोग करके संसाधित (Process)
भारत अब केवल क्रिकेट प्रेमियों का देश नहीं रहा; यह दुनिया के सबसे तेज़ी से बढ़ते गेमिंग हब में से
डीपफेक (Deepfake) एक ऐसी उन्नत टेक्नोलॉजी है जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डीप लर्निंग का उपयोग करके किसी व्यक्ति के
साल 2025 में, स्मार्टफोन कंपनियां मिड-रेंज सेगमेंट (₹25,000 से कम) में भी फ्लैगशिप-लेवल कैमरा फीचर्स ला रही हैं। अब महंगे
आज के तकनीकी युग में, हमारे गैजेट्स—स्मार्टफोन, लैपटॉप, ईयरबड्स और स्मार्टवॉच—हमारी ज़िंदगी का अहम हिस्सा हैं। इन सभी उपकरणों को
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग (ML) अब हमारे काम करने के तरीके को पूरी तरह बदल रहे हैं। AI